रिम झिम बारिश के दिनों में
Marine Drive पर भुट्टा खाना
Board Exams के बीच
Evershine के चक्कर काटना
छत पर खड़े रहकर
घंटों तक चाँद को तांकना
नवरात्रि के beats पर
रात रात भर नाचना
खचाखच भरी trains में
अन्ताक्षरी की लड़ियाँ बंधना
खेलना-कूदना, रोना-धोना
पानी-पुरी और कुल्फी खाना
मुंबई से बंगलौर तक
सारा रास्ता flight में रोना
बहुत याद आते हैं...
वो बचपन के सुनहरे दिन......
P.S.: Writing after a long time out of sheer boredom.....Wish I could go back to SJS.... :)
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