कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है (२)
के जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिए (२)
तू अब से पहले सितारों में बस रही थी काहीं (२)
तुझे ज़मीन पे बुलाया गया है मेरे लिए (२)
कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है
के ये बदन ये निगाहें मेरी अमानत हैं (२)
ये केसूओं कि घनी छाऊँ है मेरी खातिर (२)
ये होंठ और ये बाहें मेरी अमानत हैं (२)
कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है
के जैसे बजती हैं शहनाईयाँ सी राहों में (२)
सुहाग रात है घुंघट उठा रहा हूँ मैं (२)
सिमट रही है तू शर्मा के अपनी बाहों में (२)
कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है
के जैसे तू मुझे चाहेगी उम्र भर यूँही
उठेगी मेरी तरफ प्यार कि नज़र यूँही
मैं जानता हूँ के तू ग़ैर है मगर यूँही (२)
कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है (२)
P.S.: This is one of my all time favourite songs
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